संदेश

भारत में मनाये जाने वाले त्यौहार

चित्र
त्योहारों ( Festival) का हमारे जीवन में बहुत खास महत्व है। ये हमारे जीवन में उमंग और उत्साह का संचार करते हैं। साथ ही ये हमारे जीवन में प्रसन्नता और परिवर्तन का अवसर लाते हैं। इसीलिए इनका हमारे जीवन में विशेष महत्व माना जाता है।  हमारे भारत देश को अगर पर्व और त्यौहारों का देश कहा जाए तो गलत नहीं होगा। क्योंकि जितने त्यौहार हमारे देश में मनाये जाते हैं , उतने शायद ही किसी और देश में मनाये जाते होंगे। भारत अनेकता में एकता का देश है। इसकी झलक त्यौहारों के मौकों पर भी देखने को मिलती है। हमारे देश में ऐसे कई पर्व और त्योहार हैं , जिन्हें लोग बड़े ही उत्साहपूर्वक मनाते हैं।

Dussehra: क्यों मनाया जाता है दशहरा? विजयदशमी के बारे में सबकुछ

चित्र
पूरे देश में आज दशहरे की धूम है। हिंदू धर्म में इस त्योहार का विशेष महत्व है। नौ दिनों तक मां दुर्गा की पूजा के दसवें दिन दशहरे का त्योहार मनाया जाता है। बुराई पर अच्छाई के प्रतीक दशहरे के त्योहार से जुड़ी अनेक कथाएँ भी हैं। रामायण की कथा के अनुसार भगवान श्री राम ने आज ही के दिन रावण का वध किया था। इसी वजह से दशहरे को विजयदशमी के नाम से भी जाना जाता है। दशहरे को अश्विन मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को मनाया जाता है। सत्य पर असत्य की जीत का प्रमाण दशहरे का त्योहार हमें हमारे भीतर की नकारात्मकता को भी खत्म करने का संदेश देता है।

रक्षाबंधन: जानिए क्यों मनाया जाता है राखी का त्योहार

चित्र
रक्षाबंधन हर साल श्रावण मास की पूर्णिमा के दिन धूम-धाम से मनाया जाता है , जो इस बार 26 अगस्त को होगा। हर साल बहन अपने भाई की कलाई में विधि अनुसार राखी बांधती है और अपनी रक्षा का वचन मांगती है। रक्षा करने और करवाने के लिए बांधा जाने वाला पवित्र धागा रक्षा बंधन कहलाता है। इस दिन बहनें अपने भाई की रक्षा के लिए उनके कलाई पर रक्षा सूत्र बांधती हैं और भाई बहनों को जीवन भर उनकी रक्षा का वचन देते हैं लेकिन क्या आप जानते है कि रक्षाबंधन क्यों बनाया जाता है ? चलिए जानते हैं रक्षाबंधन मनाने के पीछे क्या हैं कारण।

जानिए आखिर क्यों मनाया जाता है रंगों का त्योहार होली

चित्र
होली खुशियों और भाईचारे का पर्व है , इस पर्व पर लोग आपसी गिले-शिकवे भूलकर एक-दूसरे को रंग , गुलाल लगाकर होली मनाते हैं। होली का त्योहार फाल्गुन मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है , इस दिन होली जलाई जाती है और इसके अगले दिन रंग और गुलाल के साथ होली खेली जाती है , जिसे धुलंडी नाम से जाना जाता है। धुलंडी पर बच्चे-बड़े सभी मिलकर हंसते-गाते एक दूसरे के साथ होली खेलते , सारा दिन मौज-मस्ती में बिताते हैं। मंदिरों में भी होली भक्ति-भाव से गुलाल और फूलों के साथ खेली जाती है , मंदिरों , देवालयों में पूरे फाल्गुन माह होली के गीत-संगीत और भजन प्रसादी के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।

Dhanteras 2020: धनतेरस पर क्यों करते हैं झाड़ू की खरीदारी?

चित्र
हिन्दी पंचांग के अनुसार , कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को हर वर्ष धनतेरस या धनत्रयोदशी मनाई जाती है। इस वर्ष धनतेरस 13 नवंबर दिन शुक्रवार को है। धनतेरस के दिन मुख्यत: हम लोग सोना , चांदी और पीतल के बर्तन आदि खरीदते हैं। हालांकि धनतेरस के दिन लोगों को आपने झाड़ू भी खरीदते देखा होगा। धनतेरस के दिन झाड़ू खरीदने का धार्मिक महत्व होता है। इसका संबंध धनतेरस से क्या है ? आइए जानते हैं इसके बारे में।

दिवाली का महत्व और पौराणिक कथा

चित्र
दिवाली को रोशनी का त्यौहार भी कहा जाता है। पुराणों के अनुसार , त्रेतायुग में जब रावण का वध कर भगवान श्री राम अयोध्या लौट रहे थे तो अयोध्यावासियों ने उनका स्वागत दीप जलाकर स्वागत किया था। ऐसे में भगवान श्री राम के इसी स्वागत को हर साल लोग इस त्यौहार के रूप में मनाते हैं। वहीं , दिवाली के दिन भगवान गणेश और माता लक्ष्मी की पूजा भी की जाती है। इस दिन लोग अपने घर अच्छी तरह से सफाई करते हैं और अपने घर के मुख्य द्वार पर रंगोली भी बनाते हैं। साथ ही पूरे घर को दीपों से सजाया जाता है और मां लक्ष्मी के आगमन का स्वागत करते हैं।

क्यों की जाती है गोवर्धन पर्वत की पूजा, पढ़ें यह पौराणिक कथा

चित्र
Govardhan Puja: आज देशभर में गोवर्धन पूजा की जा रही है। इस दिन को अन्नकूट के नाम से भी जाना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार , इस दिन देवराज इंद्र के घमंड को चूर-चूर करने के लिए श्रीकृष्ण ने तूफान और बारिश से ब्रजवासियों की रक्षा की थी। उन्होंने अपनी छोटी उंगली पर गोवर्धन पर्वत को उठाया था। इस दिन का महत्व बहुत अधिक है। इस दिन लोग भगवान श्री कृष्ण की पूजा करते हैं और उन्हें ढेरों व्यंजनों का भोग लगाते हैं। इस दिन गायों की पूजा भी की जाती है। मान्यता है कि इस दिन लोग गोवर्धन की परिक्रमा भी करते हैं। आइए जानते हैं इस दिन के पीछे छिपी पौराणिक कथा और इसके महत्व के बारे में।